भूमि पैमाईश मामले में लापरवाही पर चार अफसरों पर गिरी गाज, शासन ने किया सस्पेंड।

चंद्रभूषण मित्तल, पत्रकार

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने भूमि पैमाइश को लेकर हो रही लापरवाही पर बहुत सख्त फैसला लेते हुए इस मामले में एक आईएएस और तीन पीसीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया ।

बताते हैं कि इन चारों अफ़सरो ने लखीमपुर खीरी में अपनी तैनाती के दौरान पैमाइश के मामलों में टालमटोल किया था। प्रदेश सरकार ने लखीमपुर खीरी में खेत की पैमाइश लटकाए रखने के मामले एक आईएएस और तीन पीसीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। वर्तमान में सभी अलग अलग जिलों में तैनात हैं। इन अधिकारियों को राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया है।

लखीमपुर खीरी के सदर भाजपा विधायक योगेश वर्मा का 24 अक्तूबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह स्कूटी पर बैठकर कलक्ट्रेट परिसर गए और बीच सड़क पर एसडीएम से लेकर कानूनगो की शिकायत करते हुए नजर आए। इस वीडियो में विधायक कह रहे थे कि सेवानिवृत्त शिक्षक विश्वेश्वर दयाल की भूमि की पैमाइश के लिए घूस में 5000 रुपये लिए गए। इस घूस की रकम को वापस किया जाए।

इस मामले में तत्काल उच्चस्तर से जांच के आदेश दिए गए। देवराज एम प्रमुख सचिव नियुक्ति ने लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल से इसकी पूरी रिपोर्ट मांगी थी। इसमें पूछा कि छह साल पहले वर्ष 2019 के बाद कौन-कौन उप जिलाधिकारी, तसीलदार और नायब तहसील वहां तैनात रहे। उन्होंने पैमाइश के मामले में क्या कार्रवाई की। डीएम से मिली रिपोर्ट के आधार पर अब इन चारों अफसरों आईएएस धनश्याम सिंह अपर आयुक्त लखनऊ मंडल, पीसीएस अरुण कुमार सिंह एडीएम बाराबंकी, विधेश सिंह नगर मजिस्ट्रेट झांसी और रेणु एसडीएम बुलन्दशहर को दोषी पाया गया और उसी आधार पर निलंबित कर दिया गया है ।


शेयर करें: