हिन्दू परंपरा: रक्षाबंधन का त्योहार हो या अन्य कोई मौका माथे पर तिलक लगाने की परंपरा हमारे यहां बरसों से है। आधुनिकता के चलते कई लोगो माथे पर तिलक लगवाना अब कम ही पसंद करते हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि बरसों पुरानी ये परंपरा आपकी सेहत के लिए कितनी फायदेमंद हैं –
- आमतौर पर चंदन, कुमकुम, मिट्टी, हल्दी, भस्म आदि का तिलक किया जाता है। कहा जाता है कि जो लोग तिलक लगा हुआ दिखाना नहीं चाहतें, तो वे ललाट पर जल से तिलक भी करके इसके फायदे पा सकते हैं।
- माथे पर तिलक लगाने से व्यक्तित्व प्रभावशाली हो जाता है। दरअसल, तिलक लगाने का मनोवैज्ञानिक असर होता है और इससे व्यक्ति के आत्मविश्वास और आत्मबल में वृद्धि होती है।
- माना जाता है कि ललाट पर नियमित रूप से तिलक लगाने से मस्तिष्क शांति रहता है और सुकून का अनुभव करता है। साथ ही कई मानसिक बीमारियां भी इससे ठीक हो सकती है।
- माथे पर तिलक लगाने से दिमाग में सेराटोनिन और बीटा एंडोर्फिन का स्राव संतुलित तरीके से होता है, जिससे उदासी दूर हो होने में मदद मिलती है। साथ ही सिरदर्द की समस्या में कमी आती है
- हल्दी युक्त तिलक लगाने से त्वचा शुद्ध होती है क्योंकि हल्दी में एंटी बैक्ट्रियल तत्व होते हैं, जो रोगों से मुक्त दिलाने में सहायक होते है।
- एक धार्मिक मान्यता ये भी है कि चंदन का तिलक लगाने से मनुष्य के पापों का नाश होता है। लोग कई तरह के संकट से बच जाते हैं और ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, तिलक लगाने से ग्रहों की शांति होती है।
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